Mutual Fund (म्यूचुअल फंड) क्या होता है? (What Is Mutual Fund?)

Photo of author

By techbiztrend.com

Mutual Fund (म्यूचुअल फंड) क्या होता है ? (What Is Mutual Fund?)

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आज के इस ब्लॉग पोस्ट में,

आज हम आपको जो जानकारी देने वाले हैं, वो है Mutual Fund (म्यूचुअल फंड) के बारे में, शायद आपने भी कभी न कभी म्यूचुअल फंड के बारे में सुना ही होगा, या फिर उसकी विज्ञापन देखी होगी। इसको देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते है कि वास्तव में म्यूचूअल फंड है क्या और इसका महत्व क्या है।

इस प्रश्न का उत्तर हम आपको आज के इस आर्टिकल में देंगे और आशा है कि इसके बाद आपको किसी अन्य म्यूचुअल फंड से संबंधित ब्लॉग पोस्ट पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। तो चलिए शुरुआत करते हैं आज की जानकारी के साथ।

Table of Contents

Mutual Fund know every thing in hindi

Mutual Fund (म्यूचुअल फंड) का मतलब क्या होता है?

चलिए सबसे पहले समझते हैं कि म्यूचुअल फंड क्या है।

म्यूचुअल फंड एक कंपनी है जो छोटे छोटे निवेशकों से पैसा जमा करती है और उस पैसे को कंपनी शेयरों, बॉन्डों और अन्य वित्तीय संपत्तियों में निवेश करती है। इन कंपनियों का मिलकर होल्डिंग स्टॉक्स, बॉन्ड्स और अन्य संपत्तियों को उस कंपनी का पोर्टफोलियो कहा जाता है और हर एक म्यूचुअल फंड की देखभाल एक Assets Manager या Professional Fund Manager  करता है।

दोस्तों, यदि आप भी अपने पैसे का निवेश करना चाहते हैं, तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड पैसा कमाने का एक बहुत आसान तरीका है और इसमें ऐसा नहीं कि आपके पास 50,000 रुपये होने चाहिए या फिर 10,000 होने चाहिए, नहीं, आप म्यूचुअल फंड में 500 रुपये हर महीने की दर पर निवेश कर सकते हैं।

चलिए इसे और अच्छे से समझते है, कि म्यूचुअल फंड एक तरीका है जिसमें पैसा एक फंड में इन्वेस्ट करने के लिए एकत्रित किया जाता है, जो शेयरबाज़ार, बॉण्ड्स और अन्य कुछ एसेट्स में निवेश करता है। यह निवेशों की देख-रेख हमेशा एक एसेट मेनेजर के द्वारा की जाती है, जो अलग-अलग लोगों से आए पैसों का उपयोग करता है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों को एक यूनिट दी जाती है जिसे एनएवी (NAV) कहा जाता है।

म्यूचुअल फंड एक बहुत सारे लोगों के पैसे से बना एक फंड है जिसका उपयोग विभिन्न स्थानों में निवेश के लिए किया जाता है। इसका लक्ष्य सबसे अधिक मुनाफे या प्रॉफिट प्रदान करना है। तो शायद अब आप समझ गए हैं कि म्यूचुअल फंड क्या हैं!

Professional Fund Manager क्या होता है?

जब हम किसी जगह पैसा लगाते हैं या निवेश करते हैं, तो हम हमेशा यह सोचते है कि यह पैसा कहाँ और किसके द्वारा उपयोग किया जाएगा और क्या इस निवेश से हमे उचित मुनाफा मिलेगा या नहीं।

जब हम किसी म्यूचुअल फण्ड स्कीम में निवेश करते हैं तो हमें बताया जाता है कि इस निधि का प्रबंधन (Fund Management) एक पेशेवर निधि प्रबंधक (Professional Fund Manager) के द्वारा किया जाता है, जिनका काम म्यूचुअल फंड की देखभाल करना होता है और पैसा सही स्थान पर निवेश करके अधिक लाभ कमाने का काम करना होता है।

म्यूचुअल फंड की शुरुआत कब और कैसे हुई थी?

सन 1963 में भारत सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा एक संसदीय अधिनियम के तहत भारत में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) के गठन के साथ म्यूचुअल फंड उद्योग आरंभ हुआ था। इसका प्रमुख उद्देश्य था कि छोटे निवेशकों को आकर्षित किया जाए और उन्हें निवेश तथा बाजार से सम्बंधित विषयों से अवगत कराया जाए।

UTI को सन 1978 में RBI से अलग कर दिया गया व इसके स्थान पर भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) को विनियामक और प्रशासनिक नियंत्रण का अधिकार प्राप्त हुआ और UTI ने कार्य संचालित करना शुरू किया।

भारत में म्यूचुअल फंड का विकास कई चरणों में विभाजित किया जा सकता है। जिसमे पहला चरण 1964 से 1987 तक था, जिसमें UTI के पास 6700 करोड़ रुपये की निधि थी।

Types of Mutual Fund (म्यूचुअल फंड के प्रकार)

 दोस्तों आजकल बाजार में बहुत सारे तरह के म्यूचुअल फण्ड है, जिनको आप नीचे दी गयी टेबल में देख सकते है और इनका उपयोग आप अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकते है|

Types of Mutual Fund

उपर दिए सभी स्कीमस का एक पोस्ट में विवरण देना संभव नही है, इसलिए हम यहाँ आपको दो प्रमुख रूप से उपयोग होने वाले फण्ड के बारे में बताते है,

Equity Fund (इक्विटी फंड)

इक्विटी म्यूचुअल फंड का ज्यादातर पैसा विभिन्न तरह की कंपनियों के इक्विटी शेयरों में लगाया जाता है। इसी तरह की योजनाओं में Fund Manager को कम से कम 65% धन इक्विटी शेयरों में ही लगाना होता है। शेष रकम को वह बॉन्ड या बैंक में रख सकता है। क्योंकि इक्विटी म्यूचुअल फंड में शेयरों में निवेश किया जाता है, इसलिए इसका रिटर्न भी शेयर बाजार के हिसाब से मिलता है। यानी कमाई की सबसे अधिक संभावना होती है, लेकिन इसमें अधिक जोखिम भी होता है।

इक्विटी फंड से प्राप्त लाभ पर लंबे समय की पूंजी लाभ कर Long Term Capital Gain Tax नहीं लगता, जबकि छोटे समय की पूंजी लाभ Short Term Capital Gain को आपकी आमदनी में जोड़कर कर गणना में शामिल करते हैं।

Debt Fund (डेट फंड)

इस तरह के Mutual Fund का पैसा मुख्य रूप से बॉन्ड और कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया जाता है। डेब्ट म्यूचुअल फंड के साथ यह अनिवार्य होता है कि उसका कम से कम 65 प्रतिशत पैसा बॉन्ड या बैंक डिपॉजिट में लगाया जाए। इसमें गवर्नमेंट बॉन्ड्स, कंपनी बॉन्ड्स, कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट्स और बैंक डिपॉजिट्स शामिल हैं। अन्य बची हुई रकम को इक्विटी शेयरों में लगाया जा सकता है।

Debt Fund में रिस्क भी तुलनात्मक रूप से कम होता है क्योंकि इसमें फिक्स्ड रिटर्न वाले बॉन्ड में निवेश किया जाता है। लेकिन इनसे जबर्दस्त फायदे की उम्मीद ना रखें। अच्छे डेब्ट फंड्स बस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट्स से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

अगर आप अपने डेब्ट फंड को 3 साल बाद बेचते हैं, तो आपको लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना पड़ेगा। इस टैक्स की दर बिना इंडेक्शन के 10 प्रतिशत होगी और इंडेक्शन के साथ 20 प्रतिशत।

अगर आप 3 साल से पहले अपने डेब्ट म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेच देते हैं, तो आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना पड़ेगा। इस शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन को आपकी कुल आमदनी में जोड़कर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स की गणना की जाएगी।

हाइब्रिड फण्ड को इक्विटी व डेब्ट दोनों तरह के फण्ड का समावेश माना जा सकता है, इस फण्ड में एक फण्ड हाउस या एसेट मेनेजर अपने हिसाब से इक्विटी व डेब्ट का अनुपात तय कर सकता है, जिसे सुविधानुसार बदला भी जा सकता है|  हाइब्रिड फण्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा फायदा ये रहता है की इसमें आपको बेहतर डायवर्सिफिकेशन मिलता है, जिस से यदि किसी एक फण्ड में निवेश कम होता है तो हो सकता है की दूसरा उसे बैलेंस कर दें| इससे थोडा वितीय जोखिम कम हो जाता है|

How To invest in Mutual Fund

How to Invest in Mutual Fund (म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें) ?

आजकल टेक्नोलॉजी के बढने के साथ साथ म्यूचुअल फण्ड में निवेश करना भी बहुत आसन हो गया है, बाजार में बहुत सारी Fintech कंपनियों ने अपनी तरफ से पोर्टल और APPS बना दिए है, जिनका इस्तेमाल करके आप म्युचुअल फंड में आसानी से निवेश कर सकते हैं। इनमें कुछ खास एप्स हैं जैसे PhonePe, Groww, KTrack, ETMoney, IPRUTouch  आदि।

Benefits of Investing in Mutual Fund (म्यूचुअल फंड के फायदे )

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बहुत सरे फायदे हैं, जिनमे से कुछ निचे दिए जा रहे हैं|

प्रोफेशनल Fund मैनेजमेंट

म्यूचुअल फंड्स में जो पैसा लगाया जाता है, उसे म्यूचुअल फंड्स विशेषज्ञों द्वारा उनके अनुभव और कुशलता से प्रबंधित किया जाता है।

विविधता

म्यूचुअल फंड्स में आज हर व्यक्ति के लिए कुछ ना कुछ उपलब्ध है। जो लोग अधिक रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए अधिक रिटर्न वाले, जो अधिक सुरक्षित निवेश की इच्छा रखते हैं, उनके लिए अधिक सुरक्षित फंड्स से लेकर हर प्रकार के फंड्स उपलब्ध हैं।

सस्ता

बड़ी कंपनियों के शेयर की कीमत बहुत अधिक होती है। अक्सर आप उन कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, परंतु आपके बजट कम होने के कारण आप ऐसा नहीं कर पाते। म्यूचुअल फंड्स में कई लोगों का पैसा एकत्रित होता है, इसलिए आपके पैसे से बड़े कंपनियों में निवेश किया जाता है।

investment in SIP

म्यूचुअल फंड सही है या गलत?

म्यूचुअल फंड के सही या गलत होने को सीधे तरीके से कहना मुश्किल है। क्योंकि हर चीज के दो पहलू होते हैं, लेकिन हाँ, लोगों के लिए म्यूचुअल फंड के पक्ष में अधिक अच्छे मत है। जब भी आपको म्यूचुअल फंड में निवेश करने का निर्णय लेना होगा, तो आपको समझना होगा कि आप उतना ही पैसा निवेश करें जितना आपकी क्षमता है।

आपको किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले हमेशा खुद की रिसर्च करनी चाहिए। किसी भी बहकावे में आकर निवेश नहीं करना चाहिए।

आशा है कि यह आज का लेख आपको पसंद आया होगा। यदि हाँ, तो इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें ताकि उन्हें भी जानकारी मिल सके।

Leave a comment